Bhagat singh quotes in hindi

भगत सिंह जी की यह 71 बातें, जिन्हे सुनकर कोई भी देश के लिए मर मिटे – Bhagat Singh Quotes in Hindi

यह वह व्यक्तित्व थे जिन्हे देखकर अंग्रेज भी भयभीत हो जाते थे ।  यह वह फौलादी थे  जिन्हे देखकर हज़ारो ने मातृभूमि के लिए अपना रक्त बहाया। तो आइये इस  जान-बाज़, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की वो 71 बातें पढ़ते है ( Bhagat Singh Quotes in Hindi ) जो आपका मातृभूमि के लिए खून खोला देगी। 



Bhagat Singh Quotes In Hindi


“जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती हैदूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।“ ~ भगत सिंह


राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।“ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


मनुष्य/इन्सान तभी कुछ करता है जब उसे अपने कार्य का उचित होना सुनिश्चित होता हैजैसा की हम विधान सभा में बम गिराते समय थे। जो मनुष्य इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं उनके लाभ के हिसाब के अनुसार इसे अलगअलग अर्थ और व्याख्या दिए जाते हैं।”~ भगत सिंह

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“मेरा धर्म देश की सेवा करना है”~ भगत सिंह


“प्रेमीपागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।“ भगत सिंह


“देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।“ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


“सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देश के सामान इतना स्वतंत्रइतना खुशहालइतना प्यारा हो। भगत सिंह


सिने पर जो ज़ख्म हैसब फूलों के गुच्छे हैंहमें पागल ही रहने दोहम पागल ही अच्छे हैं।“ ~ भगत सिंह


Bhagat Singh Quotes


यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।“ ~ भगत सिंह


लिख रह हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा… मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।“ ~ भगत सिंह


बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते हैं। क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।“ ~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


महान साम्राज्य ध्वंस हो जाते हैं पर विचार जिंदा रहते हैं।“ ~ भगत सिंह


व्यक्ति की हत्या करना सरल है परन्तु विचारों की हत्या आप नहीं कर सकते।“ ~ भगत सिंह

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मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्वकांक्षाआशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ पर ज़रूरत पड़ने पर मैं ये सब त्याग सकता हूँ और वही सच्चा बलिदान है।“ ~ भगत सिंह


क्रांतिकारी सोच के दो आवश्यक लक्षण है – बेरहम निंदा तथा स्वतंत्र सोच।“ ~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है।“ ~ भगत सिंह


दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फतमेरी मिट्ठी से भी खूशबू-ए-वतन आएगी।“ ~ भगत सिंह


सर्वगत भाईचारा तभी हासिल हो सकता है जब समानताएं हों – सामाजिकराजनैतिक एवं व्यक्तिगत समानताएं।“ ~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


“मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के प्रति समर्पित है – देश की आज़ादी। दुनिया की अन्य कोई आकषिर्त वस्तु मुझे लुभा नहीं सकती।“ ~ भगत सिंह


Bhagat Singh Status


मेरा धर्म सिर्फ देश की सेवा करना है।”~ भगत सिंह


भगत सिंह भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। वह अपने देशप्रेम के लिए आज के युवकों के लिए एक बहुत बड़ा आदर्श हैं।”~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )

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इंसानों को कुचलकर आप उनके विचारो को नही मार सकते।”~ भगत सिंह


क्रांति लाना किसी भी इंसान की ताकत के बाहर की बात है। क्रांति कभी भी अपनेआप नही आती। बल्कि किसी विशिष्ट वातावरणसामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में ही क्रांति लाई जा सकती है।”~ भगत सिंह


पने दुश्मन से बहस करने के लिये उसका अभ्यास करना बहोत जरुरी है।”~ भगत सिंह


“बाबाजीमैंने जीवन में कभी वाहे गुरु को याद नहीं किया । कई बार तो मैंने देश की अवनति और लोगों के दुख के लिए उन्हें दोषी ठहराया है । अब जब मौत मेरे सामने खड़ी है वाहे गुरु की अरदास करूं तो वह कहेगा कि मैं बहुत डरपोक और बेइमान आदमी हूं । अब मुझे इस संसार से वैसे ही विदा होना जाने दो जैसा मैं हूं । मेरी क्रांति यह नहीं रहेगी कि भगत सिंह कायर था और उसने अपनी मौत से घबराकर वाहे गुरु को याद किया था ।”~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


मजिस्ट्रेट साहबआप भाग्यशाली हैं कि आज आप अपनी आखों से यह देखने का अवसर पा रहे हैं कि भारत के क्रांतिकारी किस प्रकार प्रसन्नतापूर्वक अपने सर्वोच्च आदर्श के लिए मृत्यु का आलिंगन कर सकते हैं । (मृत्यु पूर्व)” ~ भगत सिंह


दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उलफतमेरी मिट्‌टी से भी खुशबू-ए वतन आएगी ।”~ भगत सिंह


हमें धैर्यपूर्वक फांसी की प्रतीक्षा करनी चाहिए । यह मृत्यु सुंदर होगीपरंतु आत्महत्या करनाकेवल कुछ दुखों से बचने के लिए अपने जीवन को समाप्त कर देना तो कायरता है । मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपत्तियां व्यक्ति को पूर्ण बनाने वाली हैं ।“ भगत सिंह (सुखदेव को लिखे एक पत्र से)

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


जैसे पुराना कपड़ा उतारकर नया बदला जाता हैवैसे ही मृत्यु है । मैं उससे डरूंगा नहींभागूंगा नहीं । कोशिश करूंगा कि पकड़ा जाऊं पर यूं ही नहीं कि पुलिस आई और पकड़ ले गई । मेरे पास एक तरीका है कि कैसे पकड़ा जाऊं । मौत आएगीआएगी ही पर मैं अपनी मौत को इतनी महंगी और भारी बना दूंगा कि ब्रिटिश सरकार रेत के ढेर की तरह उसके बोझ से ढक जाए ।”~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


आज मेरी कमजोरियां लोगों के सामने नहीं हैं । अगर मैं फांसी से बच गया तो वे जाहिर हो जाएंगी और इंकलाब का निशान मद्धिम पड़ जाएगा या शायद मिट ही जाएलेकिन मेरे दिलेराना ढंग से हंसते-हंसते फांसी पाने की सूरत में हिन्दुस्तानी माताएं अपने बच्चों के भगत सिंह बनने की आरजू किया करेंगी और देश की आजादी के लिए बलिदान होने वालों की तादाद इतनी बढ़ जाएगी कि इंकलाब को रोकना इम्पीरियलिज्म की तमाम सर (संपूर्ण) शैतानी कुबतों के बस की बात न रहेगी ।”~ भगत सिंह


मेरा नाम हिन्दुस्तानी इंकलाब पार्टी का निशान बन चुका है और इंकलाब पसंद पार्टी के आदर्शों और बलिदानों ने मुझे बहुत ऊंचा कर दिया है । इतना ऊंचा कि जिंदा रहने की सूरत में इससे ऊंचा मैं हरगिज नहीं हो सकता। इसके सिवा कोई लालच मेरे दिल में फांसी से बचे रहने के लिए कभी नहीं आयामुझसे ज्यादा खुशकिस्मत कौन होगा । मुझे आज तक अपने आप पर बहुत नाज है । मुझमें अब कोई ख्वाहिश बाकी नहीं है । अब तो बड़ी बेताबी से आखिरी इम्तहां का इंतजार है । आरजू है कि यह और करीब हो जाए ।”~ भगत सिंह


जिंदा रहने की ख्वाहिश कुदरती तौर पर मुझमें भी होनी चाहिए । मैं इसे छिपाना नहीं चाहतालेकिन मेरा जिंदा रहना एक शर्त पर है । मैं कैद होकर या पाबंद होकर जिंदा रहना नहीं चाहता ।”~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


मुझे फांसी का दंड मिला हैकिंतु तुम्हें आजीवन कारावास दंड मिला है । तुम जीवित रहोगे और तुम्हें जीवित रहकर दुनिया को यह दिखाना है कि क्रांतिकारी अपने आदर्शों के लिए मर ही नहीं सकतेबल्कि जीवित रहकर हर मुसीबत का मुकाबला भी कर सकते हैं । मृत्यु सांसारिक कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त करने का साधन नहीं बननी चाहिएबल्कि जो क्रांतिकारी संयोगवश फांसी के फंदे से बच गए हैं उन्हें जीवित रहकर दुनिया को यह दिखा देना चाहिए कि वे न केवल अपने आदर्शों के लिए फांसी पर चढ़ सकते हैंजेलों की अंधकारपूर्ण छोटी कोठरियों में पुल-घुलकर निकृष्टतम दरजे के अत्याचार को सहन भी कर सकते हैं ।“ – भगत सिंहबटुकेश्वर दत्त को लिखे गए पत्र का हिस्सा )”


मुझे दंड सुना दिया गया है और फांसी का आदेश हुआ है । इन कोठरियों में मेरे अतिरिक्त फांसी की प्रतीक्षा करने वाले बहुत -से अपराधी हैं । ये यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह फांसी से बच जाएंपरंतु उनके बीच शायद मैं ही एक ऐसा आदमी हूं जो बड़ी बेताबी से उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा हूं जब मुझे अपने आदर्श के लिए फांसी के फंदे पर धूलने का सौभाग्य प्राप्त होगा । मैं खुशी के साथ फांसी के तख्ते पर चढ़कर दुनिया को दिखा दूंगा कि क्रांतिकारी अपने आदर्शों के लिए कितनी वीरता से बलिदान दे सकते हैं।“ – भगत सिंहबटुकेश्वर दत्त को लिखे गए पत्र का हिस्सा )”

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


समझौता भी ऐसा हथियार हैजिसे राजनीतिक जद्‌दोजहद के बीच में पग-पग पर इस्तेमाल करना आवश्यक हो जाता है जिससे एक कठिन लड़ाई से थकी हुई कौम को थोड़ी देर के लिए आराम मिल सके और वह आगे के युद्ध के लिए अधिक ताकत के साथ तैयार हो सकेपरंतु इन सारे समझौतों के बावजूद जिस चीज को हमें भूलना न चाहिए वह हमारा आदर्श है जो हमेशा हमारे सामने रहना चाहिए । जिस लक्ष्य के लिए हम लड़ रहे हैं उनके संबंध में हमारे विचार बिल्कुल स्पष्ट और दृढ़ होने चाहिए ।”~ भगत सिंह


हमारे दल को नेताओं की आवश्यकता नहीं है । अगर आप दुनियादार हैंबाल-बच्चों और गृहस्थी में फंसे हैतो हमारे मार्ग पर मत आइए । आप हमारे उद्‌देश्य में सहानुभूति रखते हैं तो और तरीकों से हमें सहायता दीजिए । नियंत्रण में रह सकने वाले कार्यकर्ता ही इस आदोलन को आगे ले जा सकते हैं ।”~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )

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Bhagat Singh Slogan


निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।” ~ भगत सिंह


क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।” ~ भगत सिंह

( Bhagat Singh Quotes in Hindi )


क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।” ~ भगत सिंह


“…व्यक्तियो को कुचल कर वे विचारों को नहीं मार सकते।” ~ भगत सिंह


किसी को क्रांति’ शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैं”~ भगत सिंह


“यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थ। हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था । अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये।” ~ भगत सिंह


क्रांति से हमारा अभिप्राय समाज की वर्तमान प्रणाली और वर्तमान संगठन को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है । इस उद्‌देश्य के लिए हम पहले सरकार की ताकत को अपने हाथ में लेना चाहते हैं । इस समय शासन की मशीन धनिकों के हाथ में है । सामान्य जनता के हितों की रक्षा के लिए तथा उरपने आदर्शों को क्रियात्मक रूप देने के लिए अर्थात समाज का नए सिरे से संगठन कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों के अनुसार करने के लिए हम सरकार की मशीन को उरपने हाथ में लेना चाहते हैं । हम इसी उद्‌देश्य के लिए लड़ रहे हैपंरतु इसके लिए हमें साधारण जनता को शिक्षित करना चाहिए ।”~ भगत सिंह


Bhagat Singh Dialogue in Hindi


किसी भी इंसान को मारना आसान हैपरन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैंतबाह हो जाते हैंजबकि उनके विचार बच जाते हैं।”~ भगत सिंह


कोई भी व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा हो उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगीउसमे अविश्वास करना होगा और चुनौती भी देना होगा। भगत सिंह


इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।” ~ भगत सिंह


किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और  नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजीकमाल पाशा और राजा खान वाशिंगटन और गैरीबाल्डी लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।” ~ भगत सिंह


अहिंसा को आत्म-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है जिसमे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है । लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाएं तभी हमें आत्म -बल को शारीरिक बल से जोड़ने की ज़रुरत पड़ती है ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें ।” ~ भगत सिंह


मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँऔर वही सच्चा बलिदान है”~ भगत सिंह


Bhagat Singh Thought


यदि हमारे नौजवान इसी प्रकार प्रयत्न करते जाएंगेतब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नहींकिंतु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होंगे । क्रांति चिरंजीवी हो ।”~ भगत सिंहयदि हमारे नौजवान इसी प्रकार प्रयत्न करते जाएंगेतब जाकर एक साल में स्वराज्य तो नहींकिंतु भारी कुर्बानी और त्याग की कठिन परीक्षा में से गुजरने के बाद वे अवश्य विजयी होंगे । क्रांति चिरंजीवी हो ।”~ भगत सिंह


हमारा लक्ष्य शासन शक्ति को उन हाथों के सुपुर्द करना हैजिनका लक्ष्य समाजवाद होइसके लिए मजदूरों और किसानों को संगठित करना आवश्यक होगाक्योंकि उन लोगों के लिए लॉर्ड रीडिंग या इर्विन की जगह तेजबहादुर या पुरुषोत्तम दासठाकुर दास के उग जाने से कोई भारी फर्क न पड़ सकेगा ।”~ भगत सिंह


किसी ने सच ही कहा हैसुधार बूढ़े आदमी नहीं कर सकते । ते तो बहुत ही बुद्धिमान और समझदार होते हैं । सुधार तो होते हैं युवकों के परिश्रमसाहसबलिदान और निष्ठा सेजिनको भयभीत होना आता ही नहीं और जो विचार कम और अनुभव अधिक करते हैं ।”~ भगत सिंह


मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।“ ~ भगत सिंह


भारत की वर्तमान लड़ाई ज्यादातर मध्य श्रेणी के लोगों के बलबूते पर लड़ी जा रही हैजिसका लक्ष्य बहुत सीमित है । कांग्रेस दुकानदारों और पूंजीपतियों के जरिए इंग्लैंड पर आर्थिक दबाव डालकर कुछ अधिकार ले लेना चाहती हैपरंतु जहां तक देश के करोड़ों मजदूरों और किसान जनता का ताल्लुक हैउनका उद्धार इतने से नहीं हो सकता । यदि देश की लड़ाई लड़नी होतो मजदूरोंकिसानों और सामान्य जनता को आगे लाना होगाइन्हें लड़ाई के लिए संगठित करना होगा । नेता उन्हें अभी तक आगे लाने के लिए कुछ नहीं करतेन कर ही सकते है । इन किसानों को विदेशी हुकूमत के जुए के साथ-साथ भूमिपतियों और पूंजीपतियों के जुए से भी उद्धार पाना है ।”~ भगत सिंह


यदि आप सोलह उगने के लिए लड़ रहे हैं और एक आना मिल जाता हैतो वह एक आना जेब में डालकर बाकी पंद्रह उगने के लिए फिर जंग छेड़ दीजिए । हिन्दुस्तान के माडरेटों की जिस बात से हमें नफरत हैवह यही है कि उनका आदर्श कुछ नहीं है । वे एक आने के लिए ही लड़ते हैं और उन्हें मिलता कुछ भी नहीं ।”~ भगत सिंह


यह बात प्रसिद्ध है कि मैं एक आतंककारी (टेररिस्ट) रहा हूं परंतु मैं आतंककारी नहीं हूं । मैं एक क्रांतिकारी हूं जिसके कुछ निश्चित विचार और निश्चित आदर्श हैं और जिसके सामने एक लंबा प्रोग्राम है । मुझे यह दोष दिया जाएगाजैसा कि लोग रामप्रसाद बिस्मिल को भी देते थे कि फांसी की काल कोठारी में पड़े रहने से मेरे विचारों में भी कोई परिवर्तन उग गया हैपरंतु ऐसी बात नहीं । मेरे विचार अब भी वही हैंमेरे हृदय में अब भी उतना ही और वैसा ही उत्साह और वही लक्ष्य है जो जेल से बाहर थापर मेरा यह दृढ़-विश्वास है कि हम बम से कोई लाभ प्राप्त नहीं कर सकते । यह बात हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के इतिहास से भी आसानी से मालूम पड़ती है । बम फेंकना न सिर्फ व्यर्थ हैअपितु बहुत बार हानिकारक भी है । उसकी आवश्यकता किन्हीं विशेष परिस्थितियों में ही पड़ती हैहमारा मुख्य लक्ष्य मजदूर और किसानों का संगठन होना चाहिए ।”~ भगत सिंह


“जहां तक हमारे भाग्य का संबंध है, हम बड़े बलपूर्वक आपसे यह कहना चाहते हैं कि अपने हमें फांसी पर लटकाने का निर्णय कर लिया है, आप ऐसा करेंगे ही, आपके हाथों में शक्ति है और आपको अधिकार भी प्राप्त हैं, परंतु इस प्रकार आप ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस वाला’ सिद्धांत ही अपना रहे हैं और आप उस पर कटिबद्ध है । हमारे अभियोग की सुनवाई इस वक्तव्य को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है कि हमने कभी कोई प्रार्थना नहीं की और अब भी हम आपसे किसी प्रकार की दया की प्रार्थना नहीं करते । हम केवल आपसे यह प्रार्थना करना चाहते हैं कि आपकी सरकार के ही एक न्यायालय के निर्णय के अनुसार हमारे विरुद्ध युद्ध जारी रखने का अभियोग है, इस स्थिति में हम युद्ध-बंदी हैं, अत: इस आधार पर हम आपसे मांग करते हैं कि हमारे साथ युद्ध-बंदियों जैसा ही बर्ताव किया जाए और हमें फांसी देने के बदले गोली से उड़ा दिया जाए ।”~ भगत सिंह


“हम यह कहना चाहते हैं कि युद्ध छिड़ा हुआ है और यह लड़ाई तब तक चलती रहेगी, जब तक कि शक्तिशाली व्यक्तियों ने भारतीय जनता और श्रमिकों की आय के साधनों पर अपना एकाधिकार कर रखा है । चाहे ऐसे व्यक्ति अंग्रेज पूंजीपति हों या अंग्रेजी शासक या सर्वथा भारतीय ही हों, उन्होंने आपस में मिलकर एक लूट जारी रखी हुई है । चाहे शुद्ध भारतीय पूंजी-पतियों के द्वारा ही निर्धनों का खून चूसा जा रहा हो, तो भी इस स्थिति में कोई अंतर नहीं पड़ता ।”~ भगत सिंह


हम नौजवानों को बम और पिस्तौल उठाने की सलाह नहीं दे सकते । विद्यार्थियों के लिए और भी महत्त्वपूर्ण काम हैं । राष्ट्रीय इतिहास के नाजुक समय में नौजवानों पर बहुत बड़े दायित्व का भार है और सबसे ज्यादा विद्यार्थी ही तो आजादी की लड़ाई में अगली पांतों में लड़ते हुए शहीद हुए है । क्या भारतीय नौजवान इस परीक्षा के समय में वही संजीदा इरादा दिखाने में झिझक दिखाएंगे ।”~ भगत सिंह


जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगीउसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।“ भगत सिंह


आम तौर पर लोग जैसी चीजें हैं उसके आदी हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की जरूरत है”~ भगत सिंह


जरूरी नहीं था कि क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।“ भगत सिंह


“यह एक काल्पनिक आदर्श है कि आप किसी भी कीमत पर अपने बल का प्रयोग नहीं करतेनया आन्दोलन जो हमारे देश में आरम्भ हुआ है और जिसकी शुरुवात की हम चेतावनी दे चुके हैं वह गुरुगोविंद सिंह और शिवाजी महाराजकमल पाशा और राजा खानवाशिंगटन और गैरीबाल्डीलाफयेत्टे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।”~ भगत सिंह



Bhagat Singh Shayari


सीनें में जुनूं, आंखों में देशभक्ति की चमक रखता हूं
दुश्मन की सांसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हूं  

लिख रहा हूं मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा,  इंकलाब लाएगा
मैं रहूं या न रहूं पर, ये वादा है मेरा तुझसे 
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा 

जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई, 
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफन नहीं होता

मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूं
यहां की चांदनी, मिट्टी का ही गुणगान करता हूं 
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की
तिरंगा हो कफन मेरा, बस यही अरमान रखता हूं

हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे
करें कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे

 
कभी वतन के लिए सोच के देख लेना,
कभी मां के चरण चूम के देख लेना,
कितना मजा आता है मरने में यारों,
कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना,

मुझे तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिंदा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरूं तो तिरंगा ही कफन चाहिए

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